शायरी – दर्द है सीने में और जिस्म में तन्हाई है

love shayari hindi shayari


गम से याराना नहीं, गम से आशनाई है
दर्द है सीने में और जिस्म में तन्हाई है

एक सुरीली सी हवा तेरे दर पे ले आई
क्या खबर थी कि ये हिज्र की शहनाई है

अब उदासी ही दिखेगी मेरी सूरत में
अपनी ये तस्वीर मैंने तुमसे ही बनवाई है

आंख भर लेते हैं जब याद तेरी आती है
तेरे खातिर ही मैंने बांध ये खुलवाई है

हिज्र – जुदाई


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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