हसीन शायरी

शायरी – दोनों जुदा-जुदा हैं, जमाने को खबर है

शायरी एक टुकड़ा इधर है, एक टुकड़ा उधर है दोनों जुदा-जुदा हैं, जमाने को खबर है आशिक है आफताब सा दीपक बना हुआ माहताब सा माशूक ही उसका दिलबर है

love shayari hindi shayari

एक टुकड़ा इधर है, एक टुकड़ा उधर है
दोनों जुदा-जुदा हैं, जमाने को खबर है

आशिक है आफताब सा दीपक बना हुआ
माहताब सा माशूक ही उसका दिलबर है

छूती है घटाओं को ये सर्द हवा जब
सावन के दर्द में भीग जाता शहर है

हर राह जमाने की जाती है बाजार में
हर शख्स की इसलिए दौलत पे नजर है

आफताब – सूरज
माहताब – चांद

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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