शायरी – मुश्किल हुआ है शहर में रहना मेरा, चलना मेरा

love shayari hindi shayari

मुश्किल हुआ है शहर में रहना मेरा, चलना मेरा
बस कुसूर इतना है कि रहता हूं मैं तन्हा बड़ा

सुबह का जख्म खाके वो भूल गए शाम को
लेकिन हमारा आज तक कोई भी जख्म नहीं भरा

ये लोग चाहते हैं कि उनकी तरह मैं बन जाऊं
सैकड़ों की भीड़ से लड़ने को हूं तन्हा खड़ा

जाने किस उम्मीद में वो घर बसाकर रह गए
मैं भटकता हूं तो वो कहते हैं मुझको सरफिरा

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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