शायरी – ये रोज ही होता है कि तुम याद आते हो

love shayari hindi shayari

फिर चोट खा गए हैं इस जख्मी जिगर पे
फिर आज रो रहे हैं हम गमगीन नजर से

ये रोज ही होता है कि तुम याद आते हो
दिल रोज कराहता है माज़ी के कहर से

बेजान से इस जिस्म को बस मौत चाहिए
पल-पल में मुंतजिर हूं मैं आठों पहर से

सौ बार जनाजा मेरा घर लौटकर गया
श्मशान भर गया था दुनिया के बशर से

माजी- अतीत
मुंतजिर-इंतजार में
बशर- इंसान

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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