गजल शायरी

शायरी – वो ही डरते रहे बहुत इस मुहब्बत से

शायरी जो अपने घर से जुड़े हैं एक मुद्दत से वो ही डरते रहे बहुत इस मुहब्बत से पत्थरों के मुहल्ले में सभी पैदा हो गए उबर न पाए कभी वो बुतों की हसरत से

love shayari hindi shayari

जो अपने घर से जुड़े हैं एक मुद्दत से
वो ही डरते रहे बहुत इस मुहब्बत से

पत्थरों के मुहल्ले में सभी पैदा हो गए
उबर न पाए कभी वो बुतों की हसरत से

हर एक रिश्ते का नाम बस तिजारत है
जमाना खाली है यहां दिलों की कुरबत से

कहीं से आके कोई छीन न ले दौलत को
मरे हैं शहर में कई लोग इस दहशत से

(तिजारत- व्यापार, कुरबत- करीबी)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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