जख्म शायरी

शायरी – सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश

शायरी सारी दुनिया को देखते हैं सब मगर अपने में झांकते हैं कब सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश रूह के दर्द में भीगते हैं जब

love shayari hindi shayari

सारी दुनिया को देखते हैं सब
मगर अपने में झांकते हैं कब

सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश
रूह के दर्द में भीगते हैं जब

लोग जब बोलकर थक जाते हैं
हम कहीं पर मुंह खोलते हैं तब

बाद बचपन के जवानी आई
आईने में कई झूठ टोहते हैं अब

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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