शायरी – हमें तो कत्ल होना था जिस कमसिन के खंजर से

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हमें तो कत्ल होना था जिस कमसिन के खंजर से
देखिए जख्म खाके लौटे हैं उस जालिम के शहर से

अरे एक बात कहनी थी वही तो कह नहीं पाया
वो भी तस्वीर थी कोई, हम भी आदम थे पत्थर से

हमें भी दर्द होता है, कभी हम रो भी लेते हैं
कई लहरें भी उठती हैं मेरे सहरा के मंजर से

चलो एक बार जो बिछड़ी, दुबारा मिल न पाएगी
यही आशिक की किस्मत है, जुदा होते हैं दिलबर से

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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