शायरी – हर दर से ठुकराया गया जिस्म हूं मैं

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हम तेरी मुहब्बत के काबिल न रहे
अब मेरे पास बस एक दर्दे दिल ही रहे

हर दर से ठुकराया गया जिस्म हूं मैं
अपनी मैयत पे हर बार तन्हा ही रहे

कोई खुशी न दे पाउंगा, गम के सिवा
ठीक है कि तू दुनिया में मेरे बिन ही रहे

अब मुसीबत है ये सांसें लम्हा-लम्हा
तेरे इश्क में मेरे अश्क बहते ही रहे

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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