शायरी – तुम थी मिली उस मोड़ पे, जिस मोड़ पे कोई न था

love shayari hindi shayari


अपने भी सारे गैर थे, गैरों में अपना कोई न था
तुम थी मिली उस मोड़ पे, जिस मोड़ पे कोई न था

तेरे वजह से गीत के सुर-ताल को मैं पा सका
पहले तो बस लफ्ज थे पर लय उनमें कोई न था

तुम मशाल हो अंधेरे में तो रोशनी मेरे दिल में है
सारे चिराग बुझ गए, तेरे सिवा और कोई न था

मैं आज तुमसे दूर हूं, तुमपे गजल मैं लिख रहा
तुम जब जुदा हुए थे तब मेरा हमसफर कोई न था


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

कमेंट्स यहां लिखें-

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s