शायरी – जब मिल गए तुम राह में तो नजर की ये मजबूरी है

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जब मिल गए तुम राह में तो नजर की ये मजबूरी है
उठ जाए एक पल के लिए फिर झुकना भी जरूरी है

क्या कहूं इस बात पे कि क्यूं उदास हूं इस कदर
जब दर्द ना जवाब दे तो लब सीना भी जरूरी है

बिस्तर पे चाहे लेटिए या पत्थर पे ही सो जाइए
जब थक ही जाए जिस्म तो सो जाना भी जरूरी है

तुम छोड़के कहां जा रहे, सागर में रखे जाम को
क्यूं कह रहे कि कभी-कभी न पीना भी जरूरी है

सागर – पैमाना, प्याला

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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