शायरी – देखता हूं मैं हर जगह पे बरसते आंसू

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अपने हाथों से पोछेंगे हम अपने आंसू
जाने कैसे ये रूकेंगे मेरे बहते आंसू

कितना सुन्दर सा लगता है मेरा गुलशन
जब हरेक डाल पे हैं फूल से खिलते आंसू

मेरा जमीं आस्मा तो अब एक हुआ
देखता हूं मैं हर जगह पे बरसते आंसू

मशविरा मत दो मुझको मुस्कुराने की
तुम नहीं जानते मेरे पास हैं हंसते आंसू

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari