शायरी – मुद्दतें हो गईं, खुशी की जुस्तजू न हुई

love shayari hindi shayari

सबके पास अपना-अपना मुकद्दर है
और मेरे पास तन्हाई का समंदर है

मुद्दतें हो गईं, खुशी की जुस्तजू न हुई
दर्द जितना बाहर है, उतना ही अंदर है

दिख रहे हैं चारों तरफ बहते आंसू
कुछ ऐसा ही मेरे आस-पास का मंजर है

लहू टपक रहे हैं मेरे घर की दीवारों से
कुछ रिश्तों ने चुभाया ये खंजर है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

कमेंट्स यहां लिखें-

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s