शायरी – होठों से तू हंसती है, आंखो से तू रोती है

love shyari next

सूरत पे हर इक पल में दो प्यास उभरती है
होठों से तू हंसती है, आंखों से तू रोती है

शम्मे न जला तू अभी, रहने दे अंधेरे को
तू रात के पहलू में एक चांद सी लगती है

हाथों के इशारे से मुझे रोक ना रोने से
आंसू नहीं रूकते हैं जब दूर तू जाती है

मिलती है जो तू ऐसे उल्फत की अदा लेकर
लगता है मेरे दिल की हर बात तू पढ़ती है

©RajeevSingh

3 thoughts on “शायरी – होठों से तू हंसती है, आंखो से तू रोती है”

  1. ladiko ke baal hote vo fasane ke jaal hote khoon chus leti ladko ke tabhi to outh laal hote

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