शायरी – आप चले जाते हैं हमें छोड़के यूं तन्हा

वो मुहब्बत से मिले या शिकायत से मिले

चाहे जैसे भी हो, मिलने के बस हालात मिले

 

जिस्म कोई भी हो हम अपना बना लेते हैं

शर्त इतना है कि हम दोनों के जज्बात मिले

 

आप चले जाते हैं हमें छोड़के यूं तन्हा

एक बेचैनी रहती है कि कब आपका साथ मिले

 

दिल से निकली जो आहें, गजलों में लिखा

मुझे लिखने को आंसुओं में भी खयालात मिले

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