दर्दे दिल शायरी दिल छूने वाली शायरी rishta shayari

शायरी – आशिकी तेरी ही बस्ती में प्यासी ही रही

गल रही आंख से एक बूंद छलकता ही रहा

रातभर दर्द मेरे दिल से निकलता ही रहा

 

एक साये ने लाज रख ली मेरी तन्हाई की

एक दीपक मेरे आशियां में सुलगता ही रहा

 

जागता चांद भी कोई भी खबर पा न सका

कि कोई शख्स उसकी तरह दहकता ही रहा

 

आशिकी तेरी ही बस्ती में प्यासी ही रही

एक दीवाना तेरे दीदार को तरसता ही रहा

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