शायरी – इन्हें अहसास नहीं कि क्या तेरी चाहत है

ऐ खुदा, तेरे किताबों में जो आयत है

वो मेरे रूह के ईमान की बनावट है

 

ये जो बंदे रहते हैं तेरी दुनिया में

इन्हें अहसास नहीं कि क्या तेरी चाहत है

 

कत्ल और बर्बादी की खबर सुनते हुए

तेरे वाइज के चेहरे पर मुस्कुराहट है

 

बस अपना दर्द समझते हैं यहां इंसान

पराए दर्द को समझने की किसे फुरसत है

(वाइज- उपदेश देने वाला)

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