शायरी – क्यूं चली आयी थी जब छोड़के जाना था

आशियां टूट गया अब हम कहां जाएं

तुम हमें छोड़ गए, अब हम कहां जाएं

 

इतनी तकलीफ है कि जाने क्या महसूस हुआ

कभी उठकर यहां तो कभी वहां जाएं

 

रेत पत्थर से जीवन में कोई आस नहीं

सूखे सागर में कोई कश्ती कहां जाएं

 

क्यूं चली आयी थी जब छोड़के जाना था

अब तेरे बिन ऐ मंजिल हम कहां जाएं

Advertisements

Leave a Reply