शायरी – जिंदगी मेरी तमन्ना है एक दरिया सी

राहते दिल हम अब ढ़ूंढकर थक गए

सारी दुनिया में अब घूमकर थक गए

 

जिंदगी मेरी तमन्ना है एक दरिया सी

इस तमन्ना के अश्क बहकर थक गए

 

मुझे घर में तो रोशनी न मिल पायी

मेरी तन्हाई के दीपक जलकर थक गए

 

हमने तुमको एक ख्वाब में जब देखा था

उस तस्वीर को हम यादकर थक गए

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