गम शायरी जख्मी दिल शायरी

शायरी – तुमको किसी आशिक की इतनी तलाश है

जो रहगुजर भी टूट के बेजान हो चले

मेरे कदम उसपे ही बड़े शान से चले

 

कलियों पे शबनम की झलक मिल गई हमें

पलकों में रखे आंसू भी अरमान से पले

 

तुमको किसी आशिक की इतनी तलाश है

तो क्यूं ने तुम अपने दिले नादां से मिले

 

मेरा हरेक सामान मेरे घर में रह गया

आखिर में हम तन्हा ही श्मशान में जले

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