शायरी – तुमसे जब सामना होगा अंजाने में

हमने रखे हैं हर गम को सिरहाने में

रात बीते हैं तेरी याद को रूलाने में

 

बोतलें हो गई खाली, प्यास है बाकी

कितनी गहराई है सीने के पैमाने में

 

फिर कभी सर न उठाऊंगा, खाता हूं कसम

तुमसे जब सामना होगा अंजाने में

 

मेरे शानो पे कई बोझ हैं इस जीवन के

बड़ा दम है कमजोर से दीवाने में

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