शायरी – दो जान एक हथेली पे, रखके ही दो दिल चल पड़े

हम तुम यहां पे आ मिले, ये किस सदी की बात है

हम इश्क में कब थे मरे, ये किस सदी की बात है

 

दो जान एक हथेली पे, रखके ही दो दिल चल पड़े

वो इस जनम में साथ हैं, ये किस सदी की बात है

 

गम बांट लें एक दूजे का, दुख काट लें हम संग-संग

ना रह सके कभी हम जुदा, ये किस सदी की बात है

 

जन्नत में थे हम कभी,जब इश्क दिल में समा गया

तब आ गए इस जमीं पे, ये किस सदी की बात है

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