दीवाना शायरी

शायरी – मेरी खामोशी में छिपी है जो बेजुबां बनकर

हिंदी शायरी गम की गलियों में हमें तेरा शहर न मिला और अपनी खुशी का हमें वो घर न मिला चांद बुझता रहा सुबह की आहट के बाद सूरज की रोशनी में भी दिलबर न मिला

love shayari hindi shayari

गम की गलियों में हमें तेरा शहर न मिला
और अपनी खुशी का हमें वो घर न मिला

चांद बुझता रहा सुबह की आहट के बाद
सूरज की रोशनी में भी दिलबर न मिला

मेरी खामोशी में छिपी है जो बेजुबां बनकर
उनसे कुछ कहने का कभी अवसर न मिला

दिल की बातें दिल में ही रह जाती हैं
कोई भी हमसे आज तक खुलकर न मिला

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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