माशूक शायरी

शायरी – झूठ भी बोलता हूं तुमको हंसाने के लिए

शायरी आईने में अपनी तस्वीर बनाने के लिएहम तरसते हैं तुमसे नजर मिलाने के लिए हमारे प्यार को जमाने में जगह न मिलीचलो कहीं और नशेमन बनाने के लिए

love shayari hindi shayari

आईने में अपनी तस्वीर बनाने के लिए
हम तरसते हैं तुमसे नजर मिलाने के लिए

हमारे प्यार को जमाने में जगह न मिली
चलो कहीं और नशेमन बनाने के लिए

दुनिया के रिश्ते फकत दौलत के तकाजे हैं
कौन जीता है किसी पे खूं बहाने के लिए

तेरे रू ब रू मैं रोज ये जुर्म करता हूं
झूठ भी बोलता हूं तुमको हंसाने के लिए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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