जख्म शायरी

शायरी – फूल बनकर तू खिलेगी जिस गुलशन में

शायरी जीते जी मेरे आशियाने में कमी क्या होगी बस तू नहीं आएगी, और कमी क्या होगी फूल बनकर तू खिलेगी जिस गुलशन में उस चमन में कांटों की कमी क्या होगी

love shayari hindi shayari

जीते जी मेरे आशियाने में कमी क्या होगी
बस तू नहीं आएगी, और कमी क्या होगी

फूल बनकर तू खिलेगी जिस गुलशन में
उस चमन में कांटों की कमी क्या होगी

ऐ सनम तू भी तो पत्थर दिल निकली
मेरे आंसुओं से भी तुझमें नमी क्या होगी

किसी को कभी एक बार इश्क जो होगा
फिर जिंदगीभर जख्मों की कमी क्या होगी

©RajeevSingh # love shayari

 

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