गम भरे शायरी

शायरी – मैं पराया सही पर आज भी तू मेरी है

शायरी कोई इंसाफ न होना था, न होगा कभी जुर्म ये माफ न होना था, न होगा कभी मेरे इजहार से पहले तू जुदा हो गई तुमपे इल्जाम जो लगना था, न होगा कभी

love shayari hindi shayari

कोई इंसाफ न होना था, न होगा कभी
जुर्म ये माफ न होना था, न होगा कभी

मेरे इजहार से पहले तू जुदा हो गई
तुमपे इल्जाम जो लगना था, न होगा कभी

देख ले आज भी तेरे ही भरम बाकी हैं
मेरे जैसा तेरा दीवाना, न होगा कभी

मैं पराया सही पर आज भी तू मेरी है
आखिरी रिश्ता टूट जाए, न होगा कभी

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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