जुदाई शायरी

शायरी – सीने में जो आग जली है, जलके कोई राख न छूटे

शायरी दर्दे दिल से आह न रूठे साज का एक तार न टूटे सीने में जो आग जली है जलके कोई राख न छूटे

love shayari hindi shayari

दर्दे दिल से आह न रूठे
साज का एक तार न टूटे

सीने में जो आग जली है
जलके कोई राख न छूटे

जख्मों पे बस तेरे निशाँ हैं
दाग ये पड़ जाए न फीके

अश्कों ने आवाज तो दी थी
बेकस के गम तूने न देखे

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply