मुहब्बत शायरी

शायरी – हर आदमी में वफा हो ऐसा हो नहीं सकता

शायरी हर आदमी में वफा हो ऐसा हो नहीं सकता गुलशन का हरेक फूल खुशबू दे नहीं सकता तुम मुझसे मुखातिब हो ऐसे क्यूं देखते हो क्या मेरे सिवा तुमको कुछ और नहीं दिखता

love shayari hindi shayari

हर आदमी में वफा हो ऐसा हो नहीं सकता
गुलशन का हरेक फूल खुशबू दे नहीं सकता

तुम मुझसे मुखातिब हो ऐसे क्यूं देखते हो
क्या मेरे सिवा तुमको कुछ और नहीं दिखता

मेरा दर्दो-बयां सुनकर ऐसे वो हंस पड़े
जैसे रोने का उन्हें कभी मौका नहीं मिलता

सब साथ चल पड़े थे मगर राह तो कई थे
हर मोड़ पे बिछड़ा हुआ फिर साथ नहीं चलता

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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