शायरी – मुहब्बत में जलती हुई एक शाम देखता हूं

love shayari hindi shayari

बहुत देर तक अक्सर आसमान देखता हूं
मैं उस चांद में सनम का पैगाम देखता हूं

बादल गुजरता है जिधर टुकड़ों में तड़पकर
उस तरफ दूर तक तेरे अरमान देखता हूं

जगमगाते हुए हजारों सितारों की आग में
मुहब्बत में जलती हुई एक शाम देखता हूं

जब रात बिखरती है आधी रात जवां होकर
मैं हर जर्रे में उस हसीं का नाम देखता हूं

©RajeevSingh # love shayari

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