शायरी – मत कहिए जमाने से कि लगा है दिल का रोग

love shayari hindi shayari

सनम की आंखों में हम अपना दीदार कर बैठे
उनके रूबरू हम नजरों से यूं तकरार कर बैठे

मत कहिए जमाने से कि लगा है दिल का रोग
वो कहेंगे न था कोई काम तो ये रोजगार कर बैठे

दर्द की आदत से अब यूं मजबूर हो चुके हैं हम
अश्कों के खातिर तेरी यादों का जुगाड़ कर बैठे

हुस्न से इश्क का सदियों से ये राबता है कैसा
खाक होने के लिए वे एक-दूजे से प्यार कर बैठे

©RajeevSingh # love shayari

One thought on “शायरी – मत कहिए जमाने से कि लगा है दिल का रोग”

  1. सोना दिया सोनार को पायल बना दिया दिल दिया किसी और घायल बना दिया

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