खामोशी शायरी

शायरी – कांटों ने ही अब तक हमको जीना है सिखाया

खामोशियों की बस्ती में जिसने घर हो बनाया उसने दर्द के गुलों से तन्हा कमरे को सजाया सफर के रहगुजर से यही कहते चले अक्सर कांटों ने ही अब तक हमको जीना है सिखाया

love shayari hindi shayari

खामोशियों की बस्ती में जिसने घर हो बनाया
उसने दर्द के गुलों से तन्हा कमरे को सजाया

सफर के रहगुजर से यही कहते चले अक्सर
कांटों ने ही अब तक हमको जीना है सिखाया

जिसकी हस्ती में वफा का नामोनिशां नहीं था
उसके लिए ही जाने क्यों दिल औ जां लुटाया

पेड़ों के पत्तों को है शायद गर्दिश से मुहब्बत
जो टूटकर पतझड़ के लिए खुद को मिटाया

©RajeevSingh # love shayari

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