jazbaat shayari

शायरी – जिस रहगुजर पे चले दूर तक तेरी तलाश में

दर्द ए मुहब्बत के अफसानों में खोये जा रहा हूं जानेजां तुझे अपनी गजलों में पिरोये जा रहा हूं मुफलिसी के आसमान में चांद तो नहीं निकलता दिल के अंधेरों में सितारों को जलाए जा रहा हूं

love shayari hindi shayari

दर्द ए मुहब्बत के अफसानों में खोये जा रहा हूं
जानेजां तुझे अपनी गजलों में पिरोये जा रहा हूं

मुफलिसी के आसमान में चांद तो नहीं निकलता
दिल के अंधेरों में सितारों को जलाए जा रहा हूं

दर्द की नमी को हमने आंखों में बसा लिया है
गमों की दरिया को चेहरे पे बहाए जा रहा हूं

जिस रहगुजर पे चले दूर तक तेरी तलाश में
उसी को अब अपना हमसफर बनाए जा रहा हूं

©RajeevSingh # love shayari

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