बेवफा शायरी

शायरी – रोज मिलते हैं जो उनको ये खबर ही नहीं

जाने कितनी बेवफाओं की कहानी से गुजरे इस तरह ठोकरें खाते हम जवानी से गुजरे रोज मिलते हैं जो उनको ये खबर ही नहीं कि उनको देखकर किस परेशानी से गुजरे

love shayari hindi shayari

जाने कितनी बेवफाओं की कहानी से गुजरे
इस तरह ठोकरें खाते हम जवानी से गुजरे

रोज मिलते हैं जो उनको ये खबर ही नहीं
कि उनको देखकर किस परेशानी से गुजरे

नजर छुपाते रहे कि खुले न राजे-मुहब्बत
जिंदगी भर बस हम इस नादानी से गुजरे

रोज बेचैन सा रहता हूं मैं उनको सोचकर
कोई एक रात तो कभी आसानी से गुजरे

©RajeevSingh # love shayari

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