शायरी – जो फूल उसकी जुल्फों तक नहीं पहुंच सका

love shayari hindi shayari

मुहब्बत के मुकद्दर में वो हसीं शाम कभी होती
सोचता हूं ये जिंदगी तो उसके नाम कभी होती

जो फूल उसकी जुल्फों तक नहीं पहुंच सका
उसे तोड़ने को वो दिल से परेशान कभी होती

मुझे पत्थर समझकर जो हमेशा तराशती रही
उस खुदा से हमारी दुआ सलाम कभी होती

जिसको देखा किए हर शब उल्फत के आइने में
वह अक्स हमारे आशियां की मेहमान कभी होती

©RajeevSingh # love shayari

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