jazbaat shayari

शायरी – सौगात दी गम की चंद बरस के प्यार में उसने

कभी किस्मत ने दिया धोखा, कभी हमने उसे मारी ठोकर जिंदगी यूं ही गुजरी खुद से, लड़ने और झगड़ने में सौगात दी गम की चंद बरस के प्यार में उसने मौत के आखिरी पल तक तड़पे हम इंतजार करने में

love shyari next

कभी किस्मत ने दिया धोखा, कभी हमने उसे मारी ठोकर
जिंदगी यूं ही गुजरी खुद से लड़ने और झगड़ने में

सौगात दी गम की चंद बरस के प्यार में उसने
मौत के आखिरी पल तक तड़पे हम इंतजार करने में

जज्बातों के सौदे में हम साबित हुए अनाड़ी सौदागर
खुशियां बेचते रहे और मसरूफ रहे दर्द खरीदने में

इक प्यासी रूह है मेरे अंदर जिसे चाहत है चांद की
उम्र बीत गई मेरी बेदर्द आस्मा की की राह तकने में

 

©RajeevSingh # love shayari

Advertisements

Leave a Reply