शायरी – क्यूं परेशां हो ऐ आवारा दिल

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मौत भी मुझको मयस्सर नहीं है
दर्द के जहर में असर नहीं है

इस धरती पे कोई भी जगह
मां की कोख से बेहतर नहीं है

क्यूं परेशां हो ऐ आवारा दिल
तेरे खातिर तो कोई घर नहीं है

तू भी उदास और मैं भी उदास
मुझपे क्यूं तुम्हारी नजर नहीं है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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