गजल शायरी

शायरी गजल- दर्द ने कैसी ये लगन लगाई

love shyari next
दिल के अंधेरे में रौशन तन्हाई
शब में है जैसे चांद की रानाई
आग जले और पानी बहे भी
एक है मुहब्बत, एक है जुदाई
अपनी दुनिया वीरान घर है
जिसमें है तेरी शम्मा जलाई
बंदा मुसाफिर, है खुदा अंजानी
दर्द ने कैसी ये लगन लगाई

शब- रात- night
रानाई- सौंदर्य, सुंदरता- beauty

©RajeevSingh

Advertisements

One comment

Leave a Reply