जख्म शायरी

शायरी- खामोशियों को जो पढ़ता नहीं है

शायरी कहने से कोई समझता नहीं है जब तक तजरबा होता नहीं है बातें ही करता रहता है अक्सर खामोशियों को जो पढ़ता नहीं है

love shayari hindi shayari


कहने से कोई समझता नहीं है
जब तक तजरबा होता नहीं है

बातें ही करता रहता है अक्सर
खामोशियों को जो पढ़ता नहीं है

ठोकर वो खा ले मगर राहों से
पत्थर कभी भी हटाता नहीं है

दुनिया में मरने से बचने के खातिर
दिल को वो जिंदा रखता नहीं है


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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