मुहब्बत की शायरी- तू मेरे जख्म पे न आंसू बहा

love shyari next
मेरी दुनिया में जो उजाले हैं
अब तेरे बिन बुझने वाले हैं
तू मेरे जख्म पे न आंसू बहा
चांद के सीने पे भी छाले हैं
खाक कर दे मुझे, जला दे अब
हम तेरे हुस्न के हवाले हैं
लग गई है मुझे तुम्हारी नजर
देख ले हम तो मरनेवाले हैं

©RajeevSingh