शायरी – इश्क में दिल को ठेस लगाना

love shyari next
इश्क में दिल को ठेस लगाना
तुम बेवफा का रस्म निभाना
बंदा ये कमजोर बहुत है
मौत के दर तक छोड़के आना
तेरी गली में कांटे हैं कितने
लेकिन गुलाबों का नहीं ठिकाना
क्या-क्या सितम भूल चुका हूं
ऐ दिल कभी न याद दिलाना

©RajeevSingh