जुदाई शायरी- तेरे बिन जिएं हम किस तरह

love shyari next
तेरे बिन जिएं हम किस तरह
और तू जिएगी किस तरह

उल्फत में जो हम खो चुके
वो फिर मिलेगी किस तरह

शम्मे जो लौ से घिर गए
कब तक जलेगी किस तरह

मैं तो शुरू से ही नादान हूं
पर तू समझेगी किस तरह

©RajeevSingh

Advertisements

Leave a Reply