आशिक शायरी गजल शायरी गम भरे शायरी

इश्किया शायरी- तेरी तस्वीर बनी थी उसमें, जब जमीं पे आईना था गिरा

prevnext
कौन होता है दुश्मन से बुरा
मैंने सोचा तो था चेहरा तेरा
तेरी तस्वीर बनी थी उसमें
जब जमीं पे आईना था गिरा
सारी तकलीफ जमा की जाए
दिल बड़ा खाली लगता है मेरा
काट न ऐसे मुकद्दर मुझको
आशिक पर तू रहम कर जरा

©RajeevSingh

Advertisements

Leave a Reply