शायरी – एक खामोश मुसाफिर सा कोई

love shayari hindi shayari


एक खामोश मुसाफिर सा कोई
छू गया है मुझे साहिर सा कोई

घूमकर देखा जब शहर की तरफ
दूर तक था खड़ा पत्थर सा कोई

आईना नींद से जागा था तभी
जब उसे तोड़कर गया था कोई

ठहर गई है आंख में दरिया
इसके आगे है झरना सा कोई

साहिर- जादूगर, magician


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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