दीवाना शायरी

शायरी – जान में भी तू ही बसी है

शायरी खोने भर को जान बची है जान में भी तू ही बसी है एक कफन मुफलिस को दे दो तुमको आंचल की क्या कमी है

love shayari hindi shayari

खोने भर को जान बची है
जान में भी तू ही बसी है

एक कफन मुफलिस को दे दो
तुमको आंचल की क्या कमी है

तेरी उल्फत भी अब मुझको
आखिरी मंजिल पे ला चुकी है

अब जगाना न मुझे आके
बरसों बाद तो आंख लगी है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

Leave a Reply