शायरी – जीवन तन्हा रास्ता है

#100 लव शायरी

जीवन तन्हा रास्ता है, दो कदम का वास्ता है

एक अंधेरे का मुसाफिर, सबको दीपक बांटता है

उम्र के चरखे पे हरदम, दर्द के धागे कातता है

रात के सन्नाटे में वो, रोता-मरता जागता है

  1. कांटें मिले हैं जिसको उसे मैं दिलजला लिखूं
  2. मौसम तन्हा-तन्हा है तेरी खुशबू के बिना
  3. मैं किसी की ख्वाहिशों का गुलाम नहीं
  4. मुश्किल हुआ है शहर में रहना मेरा, चलना मेरा
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