4 लाइन शायरी 4 line shayari खामोशी शायरी

शायरी – न आखिरी ख्वाहिश है बची

#100 दर्द शायरी

न आखिरी ख्वाहिश है बची

न आखिरी तमन्ना है कोई

 

बेखुदी में कटे ये दर्दे-सफर

राह में बेदर्द मिले न कोई

  1. वो गज़ल है जो मिली है कोरे कागज़ को
  2. अश्कों में डूबता हुआ जलता हुआ दिल है
  3. दिल के मसले पे न बनिए खुदगर्ज़ सनम
  4. जिस अज़नबी ने मुझको तलबगार किया है
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