महबूब शायरी

शायरी – मेरा इश्क भी तेरा हुस्न भी

शायरी जिस मोड़ पे तू मिल गई वहां एक नई राह खुल गई तू नए किरण की बहार है अब रात भी मेरी ढल गई

love shayari hindi shayari


जिस मोड़ पे तू मिल गई
वहां एक नई राह खुल गई

तू नए किरण की बहार है
अब रात भी मेरी ढल गई

मेरा इश्क भी, तेरा हुस्न भी
गजलों में आके घुल गई

मेरी शायरी की किताब तू
कभी खो गई, कभी मिल गई


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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