शायरी – ये दर्द के कुसूर हैं, कि आप मेरे हुजूर हैं

#100 लव शायरी

ये दर्द के कुसूर हैं, कि आप मेरे हुजूर हैं

हम मांगने आए हैं वो जो देने को मजबूर हैं

नस-नस मेरा डूब रहा, सब आपके सुरूर हैं

हर अश्क आपके लिए और आप हमसे दूर हैं

 

  1. अपने भी, पराए भी, कुछ दूर के साथी हैं
  2. पल दो पल ये साथ हमारा, एक मुसाफिर एक हसीना
  3. जब-जब सितम तूने किया, हम सह गए दिल खोल कर
  4. ये हुस्न देखकर ही तो वो चाँद परेशान है
  5. जागता है कोई दर्द ही सोने की जगह
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