शायरी – लिखने चला था अपना दर्द मगर

#100 दर्द शायरी

आंसू भरी निगाह से देखा जमाने को

जिधर भी देखा, आंसू नजर आया

लिखने चला था अपना दर्द मगर

जमाने का दर्द गजलों में भर आया

  1. ऐसा लगता है मुझे तू रातभर सोयी नहीं
  2. मेरे दिल पे छा गया है इश्क का ऐसा जुनूं
  3. इश्क सच्चा हो तो वो तमाशा क्यूँ बने
  4. तस्वीर के मानिंद ही आँखों में आ ज़रा
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