राजीव सिंह

शायरी – शायद दोनों जुदा हो जाएं

शायरी एक शहर में कितने घर हैं तेरे घर हैं, मेरे घर हैं तेरे अपने और मेरे अपने सारे पत्थर, हम दो सर हैं

love shayari hindi shayari


एक शहर में कितने घर हैं
तेरे घर हैं, मेरे घर हैं

तेरे अपने और मेरे अपने
सारे पत्थर, हम दो सर हैं

चार दीवारें, छत की दुनिया
बंदिश रस्मों के बिस्तर हैं

शायद दोनों जुदा हो जाएं
तुझमें-मुझमें बस ये डर है


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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