शायरी – मुसकाएं आखिर कैसे, दिल तो टुकड़ा-टुकड़ा है

love shayari hindi shayari


दिल पे जख्म का पहरा है
दर्द बड़ा ही गहरा है

खामोशी या उदासी में
जीवन का ही दुखड़ा है

मुसकाएं आखिर हम कैसे
दिल तो टुकड़ा-टुकड़ा है

देख लो मेरे दामन में
दाग ही हरसू बिखरा है

हरसू- हर ओर


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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